बिना अनुबंध और बिना मांग के खाते में पहुंचे 3.89 लाख रुपये, ठेकेदार ने बताया साजिश धरमजयगढ़ एसडीओपी से उच्च स्तरीय जांच की मांग

धरमजयगढ़। नगर पंचायत धरमजयगढ़ में आरसीसी नाली निर्माण कार्य के भुगतान को लेकर एक नया विवाद सामने आया है। वार्ड क्रमांक 04 में आंगनबाड़ी से यशपाल साहू के घर तक आरसीसी नाली निर्माण कार्य के संबंध में नगर पंचायत द्वारा जारी नोटिस के बाद ठेकेदार शेष कुमार साहू ने गंभीर आरोप लगाते हुए मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।ठेकेदार ने इस संबंध में अनुविभागीय अधिकारी पुलिस (एसडीओपी) धरमजयगढ़ एवं मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) को लिखित आवेदन सौंपा है। आवेदन में उन्होंने कहा है कि उन पर 3,89,668 रुपये का भुगतान भ्रामक जानकारी देकर आहरित करने का जो आरोप लगाया गया है, वह पूरी तरह तथ्यहीन और एकपक्षीय है।

आज तक नहीं हुआ अनुबंध
शेष कुमार साहू का कहना है कि संबंधित कार्य के लिए निविदा स्वीकृत होने के बावजूद नगर पंचायत और उनके बीच आज तक कोई विधिवत अनुबंध (एग्रीमेंट) नहीं हुआ है। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने नगर पंचायत के समक्ष किसी प्रकार का बिल, दावा पत्र अथवा भुगतान की मांग भी प्रस्तुत नहीं की थी।इसके बावजूद उनके बैंक खाते में 3 लाख 89 हजार 668 रुपये जमा कर दिए गए। उनका कहना है कि इस राशि के खाते में जमा होने की जानकारी उन्हें नगर पंचायत द्वारा जारी नोटिस प्राप्त होने के बाद ही हुई।
मुझे फंसाने की साजिश की गई
ठेकेदार ने आरोप लगाया है कि बिना अनुबंध, बिना बिल और बिना पूर्व सूचना के उनके खाते में राशि जमा कर बाद में उन पर धोखाधड़ी एवं भ्रामक जानकारी देने का आरोप लगाना एक सुनियोजित साजिश प्रतीत होती है। उन्होंने इसे उनकी छवि धूमिल करने तथा मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का प्रयास बताया है।
उच्च स्तरीय जांच और कार्रवाई की मांग
अपने आवेदन में शेष कुमार साहू ने मांग की है कि—3,89,668 रुपये का भुगतान किस अधिकारी के निर्देश पर और किस आधार पर किया गया, इसकी उच्च स्तरीय जांच कराई जाए।
जांच पूरी होने तक उक्त राशि को उनके बैंक खाते में होल्ड अथवा फ्रीज कराया जाए।मामले में दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की प्रासंगिक धाराओं के तहत कार्रवाई की जाए।
जांच पूर्ण होने तक उनके विरुद्ध किसी प्रकार की दंडात्मक कार्रवाई न की जाए।
जांच में सहयोग की बात
शेष कुमार साहू ने कहा है कि वह पूरे मामले की निष्पक्ष जांच चाहते हैं और जांच में पूर्ण सहयोग देने के लिए तैयार हैं। उन्होंने अपने आवेदन के साथ बैंक स्टेटमेंट की प्रति भी संलग्न की है।अब इस मामले में प्रशासन और नगर पंचायत की ओर से क्या कदम उठाए जाते हैं तथा ठेकेदार की उच्च स्तरीय जांच की मांग पर क्या कार्रवाई होती है,इस पर क्षेत्र के आम जनों की नजर बनी हुई है।



