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धरमजयगढ़ में आयुर्वेद अस्पताल की मांग तेज: पार्षद डॉ. अख्तरी खुर्शीद खान की पहल, एक ही छत के नीचे मिलेगा एलोपैथी और आयुर्वेद का लाभ

धरमजयगढ़। नगर पंचायत धरमजयगढ़ की पार्षद डॉ. अख्तरी खुर्शीद खान ने सिविल अस्पताल धरमजयगढ़ में आयुर्वेद चिकित्सा सुविधा शुरू करने की मांग उठाई है। इस संबंध में उन्होंने सुशासन तिहार के दौरान आवेदन प्रस्तुत किया था, जिस पर कार्रवाई करते हुए जिला आयुर्वेद कार्यालय ने आयुष निदेशक रायपुर को पत्र प्रेषित किया है।पार्षद डॉ. खान ने मांग की है कि राष्ट्रीय आयुष मिशन, राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन अथवा राज्य शासन के माध्यम से सिविल अस्पताल धरमजयगढ़ में आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी, आयुर्वेदिक फार्मासिस्ट, वार्ड आया एवं वार्ड बॉय सहित आवश्यक पदों की स्वीकृति देकर आयुर्वेदिक विंग स्थापित किया जाए। इससे मरीजों को एक ही परिसर में एलोपैथिक और आयुर्वेदिक दोनों प्रकार की चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।


धरमजयगढ़ विकासखंड की 118 ग्राम पंचायतों एवं नगर पंचायत मुख्यालय के हजारों नागरिक वर्तमान में सिविल अस्पताल की सेवाओं पर निर्भर हैं। आयुर्वेदिक अस्पताल या विंग शुरू होने से क्षेत्र के मरीजों को वैकल्पिक एवं पारंपरिक चिकित्सा पद्धति का लाभ मिलेगा तथा दूर-दराज के क्षेत्रों से आने वाले लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त होंगी।

आयुर्वेद चिकित्सा के प्रमुख फायदे

आयुर्वेद शरीर की जड़ से बीमारी के कारणों को दूर करने पर बल देता है।रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक माना जाता है।जीवनशैली और खान-पान में सुधार के माध्यम से स्वास्थ्य संरक्षण करता है।जोड़ों के दर्द, पाचन संबंधी समस्याएं, त्वचा रोग एवं कई दीर्घकालिक बीमारियों में लाभकारी माना जाता है।प्राकृतिक औषधियों के उपयोग के कारण दुष्प्रभाव अपेक्षाकृत कम होते हैं।

स्वस्थ जीवनशैली और संतुलित दिनचर्या को बढ़ावा देता है।

पार्षद डॉ. अख्तरी खुर्शीद खान ने कहा कि धरमजयगढ़ क्षेत्र के लोगों को आधुनिक चिकित्सा के साथ-साथ आयुर्वेदिक उपचार की सुविधा भी मिलनी चाहिए। यदि शासन द्वारा यह मांग स्वीकार की जाती है तो क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं में एक महत्वपूर्ण विस्तार होगा और हजारों लोगों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।

Sajal Kumar Madhu

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