बंदूक की नोक पर ड्रोन सर्वे का कार्य?ग्रामीणों के विरोध के बावजूद SECL की कार्रवाई, पांचवीं अनुसूची क्षेत्र में बढ़ा विवाद#देखे वीडियो#

किसानों ने कहा– बिना ग्रामसभा की सहमति नहीं देंगे जमीन, जबरन सर्वे हुआ तो जिम्मेदार होंगे SECL और प्रशासन।
धरमजयगढ़/रायगढ़।
रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ क्षेत्र में प्रस्तावित SECL दुर्गापुर-शाहपुर ओपन कोल परियोजना को लेकर एक बार फिर विवाद गहरा गया है। प्रभावित ग्रामीणों का आरोप है कि ग्रामसभा की सहमति और तीव्र विरोध के बावजूद पुलिस बल और हथियारबंद सुरक्षा कर्मियों की मौजूदगी में ड्रोन सर्वे कराने का प्रयास किया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यह पांचवीं अनुसूची एवं पेसा (PESA) क्षेत्र में स्थानीय लोगों की सहमति की भावना के विपरीत है।
जानकारी के अनुसार वर्ष 2016 में कोयला मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा लगभग 4143 एकड़ भूमि SECL परियोजना के लिए प्रस्तावित की गई थी। इस प्रस्तावित क्षेत्र में ग्राम पंचायत दुर्गापुर, शाहपुर, बायसी, बायसी कॉलोनी, नगर पंचायत धरमजयगढ़ के वार्ड क्रमांक 1, 2 और 3 सहित छोटे-बड़े झाड़ के वन क्षेत्र शामिल हैं।
ग्रामीणों के अनुसार 19 जुलाई को अंबेटिकरा मंदिर परिसर में SECL के महाप्रबंधक (GM) एवं अधिकारियों ने प्रभावित किसानों और जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक की थी। बैठक में किसानों ने एक स्वर में प्रस्तावित ओपन कोयला खदान का विरोध करते हुए स्पष्ट कहा था कि ग्रामसभा की सहमति के बिना किसी भी प्रकार का सर्वे या भूमि अधिग्रहण स्वीकार नहीं किया जाएगा। किसानों का दावा है कि बैठक के दौरान GM ने भी आश्वासन दिया था कि ग्रामीणों की सहमति के बिना ड्रोन सर्वे या अन्य गतिविधि नहीं की जाएगी।

इसके बाद जब ग्रामीणों को दोबारा ड्रोन सर्वे की सूचना मिली तो ग्राम पंचायत दुर्गापुर के लोगों ने धरमजयगढ़ अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) को लिखित आवेदन देकर प्रस्तावित सर्वे पर तत्काल रोक लगाने की मांग की। आवेदन में ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से मुलाकात कर पूरे मामले से अवगत कराने के लिए किसानों की एक समिति गठित करने की भी जानकारी दी थी।

ग्रामीणों का आरोप है कि इसके बावजूद 23 जुलाई को SECL की सर्वे टीम पुलिस बल और हथियारबंद सुरक्षा कर्मियों के साथ दुर्गापुर पहुंची और ड्रोन सर्वे का प्रयास किया। ग्रामीणों के विरोध के बाद सर्वे टीम को गांव से लौटना पड़ा। किसानों का कहना है कि आवेदन और आपत्तियों की अनदेखी कर जबरन सर्वे का प्रयास किया जा रहा है।सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार SECL कोल ब्लॉक को लेकर तत्काल बंग समाज के किसान और प्रभावित किसानों के साथ बृहद रूप में बैठक का निर्णय लिया गया है,कुछ ही घंटों में यह खबर मीडिया के जरिए हम आपको जानकारी से अवगत कराते रहेंगे।

आवेदन में ग्रामीणों ने यह भी उल्लेख किया है कि यदि उनकी आपत्ति के बावजूद ड्रोन सर्वे कराया गया और किसी प्रकार की अप्रिय घटना होती है, तो उसकी संपूर्ण जिम्मेदारी SECL और स्थानीय प्रशासन की होगी। ग्रामीणों का कहना है कि पांचवीं अनुसूची एवं पेसा क्षेत्र में स्थानीय समुदाय की भागीदारी और अधिकारों का सम्मान किया जाना चाहिए।



