Latest News

नवागांव ग्रामीण बोले: 18 कोल ब्लॉक निरस्त हों, हाथियों की सुरक्षा सर्वोपरि#देखे वीडियो

हाथियों के टापू पर कोल ब्लॉक का हमला!आदिवासियों का उग्र विरोध—

धरमजयगढ़।
धरमजयगढ़ वन मंडल को जंगली हाथियों का सुरक्षित टापू कहा जाए तो कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी। यहां के अलग-अलग रेंजों में साल भर हाथियों के झुंड विचरण करते देखे जाते हैं। वन मंडल की कुल 6 रेंजों में सबसे घना जंगल छाल और धरमजयगढ़ रेंज में है, लेकिन इन्हीं संवेदनशील वन क्षेत्रों में 18 कोल ब्लॉक चिन्हांकित किए जाने से आदिवासी समाज में भारी आक्रोश है,अब तक चिन्हांकित 18 कोल ब्लॉकों में से 6 की नीलामी हो चुकी है। इनमें दुर्गापुर-2 तराईमार कोल ब्लॉक और दुर्गापुर-2 सरिया कोल ब्लॉक कर्नाटक पावर लिमिटेड के लिए प्रस्तावित हैं। वहीं सेरबन कोल ब्लॉक, SECL दुर्गापुर शाहपुर कोल ब्लॉक, इंद्रमणि कोल ब्लॉक और मेसर्स अंबुजा-अडानी का पुरुंगा कोल ब्लॉक भी शामिल हैं,इसके अलावा जिन 12 कोल ब्लॉकों को चिन्हांकित किया गया है,

नवागांव ईस्ट, नवागांव वेस्ट, ओंगना-पोटिया, कोइलार, चैनपुर, रामनगर, तेंदुमुरी, बोजिया, फतेपुर, फतेपुर ईस्ट, वेस्ट ऑफ बायसी और छाल कोल ब्लॉक शामिल हैं

,इन्हीं मुद्दों को लेकर सोमवार को ग्राम नवागांव में ग्रामीणों का विरोध तेज नजर आया। जंगल के बीच आदिवासी समाज ने अपने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ जंगल की पूजा कर हाथियों की सुरक्षा की कामना की। इसके बाद ग्रामीण हाथों में होर्डिंग लेकर नारेबाजी करते हुए नवागांव ईस्ट और नवागांव वेस्ट कोल ब्लॉक की नीलामी पर तत्काल रोक की मांग करते नजर आए,

ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा कि यह क्षेत्र पांचवीं अनुसूची में आता है और यहां छत्तीसगढ़ पेसा कानून 2022 लागू है। ग्रामसभा की अनुमति के बिना किसी भी प्रकार की नीलामी और परियोजना को आदिवासी समाज स्वीकार नहीं करेगा।

29 दिसंबर को हजारों ग्रामीण उतरेंगे सड़क पर

धरमजयगढ़ क्षेत्र में हाथियों की सुरक्षा और कोल ब्लॉकों के विरोध को लेकर लगातार बैठकों का दौर जारी है। बुधवार को ग्राम नवागांव में आयोजित बैठक में अमापाली, हाटी, कीदा सहित आसपास के कई गांवों के सामाजिक कार्यकर्ता नवागांव पहुंच कर ग्रामीण आंदोलन को ताकत देने का काम करते देखे गए है,आज के सभा में भारी संख्या में आदिवासी महिला-पुरुष शामिल हुए,बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 29 दिसंबर, सोमवार को हजारों की संख्या में ग्रामीण रैली और आमसभा में शामिल होकर 18 कोल ब्लॉकों को निरस्त करने और नई नीलामी पर रोक की मांग करेंगे।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जंगल, जमीन और जंगली हाथियों की सुरक्षा से खिलवाड़ किया गया, तो आंदोलन और भी उग्र रूप लेगा।

Sajal Kumar Madhu

नेटवर्क कवरेज के साथ Navratna Bharat लेकर आता है आपकी लोकल और राष्ट्रीय खबरें—वास्तविक रिपोर्ट, फील्ड रिपोर्टिंग और विशेषज्ञ विश्लेषण।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button