SECL जीएम के सामने ग्रामीणों का भारी विरोध,GM बोले ग्रामीण नहीं चाहेंगे तो न होगा ड्रोन सर्वे न खुलेगा खदान#विरोध का देखे वीडियो#

धरमजयगढ़/रायगढ़। रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ क्षेत्र के अंबेटिकरा में प्रस्तावित दुर्गापुर-शाहपुर SECL परियोजना को लेकर एक बार फिर भूमि अधिग्रहण और ड्रोन सर्वे के मुद्दे पर ग्रामीणों का कड़ा विरोध सामने आया। बीते रविवार को SECL रायगढ़ के महाप्रबंधक (GM) अपने अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ प्रभावित किसानों और जनप्रतिनिधियों से चर्चा के लिए अंबेटिकरा पहुंचे थे। बैठक के दौरान ग्रामीणों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वे अपनी कृषि भूमि किसी भी स्थिति में नहीं देंगे और परियोजना का विरोध जारी रहेगा।
ग्रामीणों ने अधिकारियों को बताया कि प्रभावित गांवों की ग्राम सभाओं में पहले ही प्रस्ताव पारित कर भूमि अधिग्रहण के लिए सहमति नहीं देने का निर्णय लिया जा चुका है। उनका कहना था कि जब ग्राम सभा अपना निर्णय दे चुकी है, तब बार-बार बैठक और ड्रोन सर्वे की कोशिशों का कोई औचित्य नहीं है।बैठक में ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने ड्रोन सर्वे का भी कड़ा विरोध किया। विरोध के दौरान ग्रामीणों ने SECL अधिकारियों से कहा कि वे क्षेत्र छोड़ दें और लोगों को बिना तनाव के अपना जीवन जीने दें। विरोध के बीच SECL के महाप्रबंधक ने कहा कि यदि ग्रामीण नहीं चाहेंगे तो न ड्रोन सर्वे होगा और न ही खदान खुलेगी।
बैठक में कुछ ग्रामीणों ने यह भी कहा कि क्षेत्र का बंगाली समाज पिछले कई चुनावों से बड़ी संख्या में भारतीय जनता पार्टी का समर्थन करता आया है। उन्होंने बताया कि भूमि अधिग्रहण और ड्रोन सर्वे के मुद्दे को लेकर प्रभावित ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों का एक प्रतिनिधिमंडल शीघ्र ही मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से मुलाकात कर अपनी बात रखेगा।
कानूनी पक्ष भी महत्वपूर्ण
प्रभावित क्षेत्र संविधान की पांचवीं अनुसूची के अंतर्गत आता है तथा यहां पेसा अधिनियम, 1996 (PESA Act) लागू है। इसके अलावा भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में उचित प्रतिकर एवं पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 तथा अन्य लागू कानूनों का पालन आवश्यक है। अनुसूचित क्षेत्रों में ग्राम सभा की भूमिका महत्वपूर्ण मानी गई है और संबंधित कानूनी प्रावधानों का पालन किए बिना आगे की कार्रवाई विवाद का विषय बन सकती है।
फिलहाल ग्रामीणों का कहना है कि वे SECL की गतिविधियों पर लगातार नजर रखेंगे और अपने संवैधानिक एवं कानूनी अधिकारों की रक्षा के लिए लोकतांत्रिक एवं वैधानिक तरीके से संघर्ष जारी रखेंगे।



