SECL को नहीं देंगे अपनी मातृभूमि के नारों से गूंजा धरमजयगढ़, पेसा कानून का हवाला देकर कोल ब्लॉक निरस्त करने की मांग/देखे वीडियो

दुर्गापुर-शाहपुर SECL कोल ब्लॉक के खिलाफ हजारों ग्रामीणों का हुंकार
धरमजयगढ़, 11 सितंबर 2026। दुर्गापुर-शाहपुर SECL कोल ब्लॉक के विरोध में शुक्रवार को धरमजयगढ़ में हजारों प्रभावित ग्रामीणों ने एकजुट होकर जोरदार हुंकार भरी। क्लब ग्राउंड में बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्रित हुए, जहां पहले आमसभा आयोजित कर कोल ब्लॉक से जुड़ी अपनी समस्याओं और मांगों पर चर्चा की गई। इसके बाद दोपहर करीब दो बजे ग्रामीणों ने विशाल रैली निकालकर अपना विरोध दर्ज कराया।क्लब ग्राउंड से शुरू हुई रैली राजा गेट के सामने से होते हुए गांधी चौक पहुंची। इस दौरान ग्रामीणों ने SECL के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और “नहीं देंगे अपनी मातृभूमि” जैसे नारों के साथ कोल ब्लॉक का विरोध किया। रैली के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीणों की मौजूदगी ने क्षेत्र में इस मुद्दे को लेकर व्यापक विरोध को सामने ला दिया।
पेसा कानून का हवाला, कोल ब्लॉक निरस्त करने की मांग
प्रदर्शनकारी ग्रामीणों ने पेसा अधिनियम के प्रावधानों का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि प्रभावित ग्राम पंचायतों के अधिकारों और ग्रामीणों की सहमति को पर्याप्त महत्व दिए बिना सर्वे, भू-अर्जन और अन्य अग्रिम गतिविधियां आगे बढ़ाई जा रही हैं।रैली के बाद ग्रामीणों के प्रतिनिधिमंडल ने अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), धरमजयगढ़ को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में दुर्गापुर कोल ब्लॉक से संबंधित भू-अर्जन, सर्वे तथा अन्य सभी अग्रिम गतिविधियों पर तत्काल रोक लगाने की मांग की गई। इसके साथ ही ग्रामीणों ने कोल ब्लॉक को निरस्त करने की मांग भी प्रमुखता से रखी।
1677 हेक्टेयर भूमि प्रस्तावित, ग्रामीणों में बढ़ता आक्रोश
ग्रामीणों के अनुसार दुर्गापुर कोल ब्लॉक के लिए कुल 1677 हेक्टेयर भूमि प्रस्तावित है। ग्रामीणों का आरोप है कि दुर्गापुर और शाहपुर पंचायत क्षेत्र में पेसा अधिनियम लागू होने के बावजूद उनके विरोध के बीच सर्वे, भू-अर्जन एवं अन्य अग्रिम गतिविधियां आगे बढ़ाई जा रही हैं। इसे लेकर प्रभावित ग्रामीणों में लगातार असंतोष और आक्रोश बढ़ रहा है।
प्रशासन से बहुत बातें हो चुकीं, अब कोई बैठक नहीं
प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों में प्रशासन के प्रति भी नाराजगी देखने को मिली। ग्रामीणों का कहना है कि इस मुद्दे को लेकर कई बार बैठकें हो चुकी हैं और जिला प्रशासन के अधिकारियों से भी चर्चा की गई, लेकिन उन्हें हर बार स्पष्ट एवं ठोस समाधान के बजाय गोलमोल जवाब मिलने की बात कही गई।ग्रामीणों ने अब दो टूक शब्दों में अपना रुख स्पष्ट करते हुए कहा कि अब और बैठकें नहीं होंगी। उनका कहना है कि वे अपनी जमीन और गांव के अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट हैं तथा किसी भी कीमत पर SECL को कोयला खदान की मंजूरी देने के पक्ष में नहीं हैं।
कुछ ग्रामीणों ने प्रदर्शन के दौरान यह भी कहा कि अब हमारे गांव का शासन हम चलाएंगे जिसके माध्यम से उन्होंने अपने ग्रामसभा एवं स्थानीय अधिकारों को लेकर अपनी दृढ़ता जाहिर की।
मुख्यमंत्री से लेकर SECL के अधिकारियों तक पहुंचाई आवाज
ग्रामीणों द्वारा सौंपे गए ज्ञापन के माध्यम से मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ शासन, वित्त मंत्री ओपी चौधरी, कलेक्टर रायगढ़, SECL बिलासपुर के सीएमडी तथा SECL रायगढ़ क्षेत्र के महाप्रबंधक सहित संबंधित अधिकारियों का ध्यान पूरे मामले की ओर आकृष्ट कराया गया है।ग्रामीणों ने मांग की है कि प्रभावितों के अधिकारों और पेसा कानून के प्रावधानों का पालन सुनिश्चित किया जाए तथा अग्रिम कार्रवाई पर रोक लगाई जाए।
रैली में उमड़ा ग्रामीणों का हुजूम
शुक्रवार को धरमजयगढ़ में आयोजित प्रदर्शन में ग्रामीणों की बड़ी संख्या में मौजूदगी देखने को मिली। आमसभा के बाद निकली रैली और लगातार हुई नारेबाजी ने दुर्गापुर-शाहपुर कोल ब्लॉक के विरोध को एक बार फिर प्रमुखता से सामने ला दिया है।अब इस बड़े विरोध प्रदर्शन के बाद शासन और प्रशासन का अगला रुख क्या रहता है और दुर्गापुर-शाहपुर कोल ब्लॉक को लेकर आगे क्या निर्णय लिया जाता है, यह देखने वाली बात होगी।



