Latest News

कैमरा खामोश हो गया, कलम थम गई… लेकिन आलम शेख की आवाज हमेशा जिंदा रहेगी

गरीबों, ग्रामीणों और शोषितों की बुलंद आवाज रहे वरिष्ठ पत्रकार आलम शेख का निधन, पत्रकारिता जगत में शोक की लहर

धरमजयगढ़। पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी बेबाक आवाज, पैनी नजर और जनसरोकार से जुड़ी खबरों के लिए पहचान बनाने वाले वरिष्ठ पत्रकार आलम शेख के निधन की खबर से पत्रकारिता जगत और क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। उनके असमय चले जाने से पत्रकारिता जगत ने एक ऐसे साथी को खो दिया, जिसने अपनी कलम और कैमरे को हमेशा आम आदमी की आवाज बनाने का प्रयास किया।खबर पे नजर’ से जुड़े पत्रकार एवं श्रमजीवी साथी आलम शेख का यूं चले जाना उनके साथ काम करने वाले पत्रकारों, ग्रामीणों और जरूरतमंद लोगों के लिए बेहद भावुक कर देने वाला क्षण है। उनके जाने से एक पत्रकार ही नहीं, बल्कि जनता की आवाज उठाने वाला एक मजबूत साथी हमारे बीच से चला गया।आलम शेख की पत्रकारिता सिर्फ खबरों तक सीमित नहीं थी। हाथियों से जुड़ी घटनाओं से लेकर गांव के अंतिम छोर तक की समस्याओं, ग्रामीणों की परेशानियों, गरीबों के अधिकार और जनहित के मुद्दों को उन्होंने प्रमुखता से उठाया। क्षेत्र में सामने आए कई भ्रष्टाचार के मामलों को भी उन्होंने अपनी पत्रकारिता के माध्यम से उजागर किया।कभी ‘स्वराज’, कभी IND 24, कभी ‘राजधानी’ और बाद में ‘खबर पे नजर’ जैसे मंचों से उन्होंने अपनी पैनी निगाहों के साथ समाज की वास्तविक तस्वीर सामने रखने का प्रयास किया। पत्रकारिता उनके लिए महज रोजगार नहीं, बल्कि एक जिम्मेदारी और सेवा थी।कई बार बिना किसी स्वार्थ और आर्थिक लाभ की चिंता किए वे जरूरतमंदों की मदद के लिए आगे खड़े रहे। यही वजह है कि ग्रामीण और गरीब तबके के लोगों के बीच उनकी अलग पहचान बनी। उनके लिए पत्रकारिता का मतलब था—जहां आवाज नहीं पहुंचती, वहां आवाज बनकर पहुंचना।आज वह कैमरा, जिससे उन्होंने गांव-गांव की तस्वीर दुनिया के सामने रखी, खामोश है। वह कलम, जिसने अन्याय के खिलाफ सवाल उठाए, थम गई है। लेकिन उनके द्वारा उठाई गई आवाज, उनकी खबरें और जनहित के लिए किए गए प्रयास हमेशा उनकी याद दिलाते रहेंगे।आलम शेख का जाना केवल एक पत्रकार का जाना नहीं है, बल्कि उन आवाजों के बीच एक खालीपन पैदा होना है, जिनके लिए उन्होंने जीवनभर अपनी कलम और कैमरा उठाया।
आज आंखें नम हैं, शब्द कम पड़ रहे हैं और यादें बहुत है आप चले गए आलम भाई, लेकिन आपकी पत्रकारिता की तस्वीरें, आपकी आवाज और जनता के लिए आपकी लड़ाई हमेशा हमारे बीच जिंदा रहेगी।

Sajal Kumar Madhu

नेटवर्क कवरेज के साथ Navratna Bharat लेकर आता है आपकी लोकल और राष्ट्रीय खबरें—वास्तविक रिपोर्ट, फील्ड रिपोर्टिंग और विशेषज्ञ विश्लेषण।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button