PM आवास की अनुमति में सामने आईं सख्त शर्तें, 18 माह में निर्माण पूरा करना अनिवार्य

धरमजयगढ़ में हितग्राही को 37.72 वर्गमीटर निर्माण की अनुमति, नियम तोड़ने पर स्वमेव निरस्त होगी अनुज्ञा
धरमजयगढ़। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के तहत धरमजयगढ़ नगर पंचायत क्षेत्र में आवास निर्माण की अनुमति जारी की गई है,इस कार्यक्रम में श्रीफल देकर हितग्राही को नगर पंचायत अधिकारी प्रभाकर शुक्ला,नगरपंचायत अध्यक्ष अनिल सरकार,पार्षद टार्ज़न भारती,नरेश राठिया,अजय राठिया एल्डर मेन अनिल पांडे,नीरज अग्रवाल के समक्ष अनुज्ञा प्रमाण पत्र वितरण किया गया जिसमें हितग्राही सोनिया नारायण,आशा,शांति बाई महंत,सरस्वती सहित पूनम महत जो वार्ड क्रमांक 6 को खसरा नंबर 79, रकबा 45 वर्गमीटर भूमि पर प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0-बीएलसी मिशन के तहत भवन निर्माण की अनुमति दी गई,हालांकि, अनुमति के साथ नगर निकाय ने कई महत्वपूर्ण एवं कड़ी शर्तें भी लागू की हैं।जारी अनुज्ञा के अनुसार स्वीकृत मानचित्र के मुताबिक कुल निर्माण क्षेत्रफल 37.72 वर्गमीटर तथा कारपेट क्षेत्रफल 30 वर्गमीटर निर्धारित है। निर्माण मुख्य मार्ग से कम से कम 3 मीटर की दूरी पर किया जाना अनिवार्य होगा। साथ ही स्वीकृति जारी होने की तारीख से 18 माह के भीतर आवास निर्माण पूर्ण करना होगा।
सरकार देगी 2.8285 लाख, हितग्राही को 1 लाख स्वयं लगाना होगा
अनुज्ञा में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 1.50 लाख रुपये केंद्रांश, 1.3285 लाख रुपये राज्यांश तथा 1 लाख रुपये हितग्राही अंशदान का उल्लेख किया गया है। राज्यांश में 1 लाख रुपये अनिवार्य राज्यांश और 32,850 रुपये मुख्यमंत्री गृह प्रवेश सम्मान योजना के अंतर्गत शामिल हैं।आवास में जल प्रदाय, दूषित जल एवं मल निकासी, पार्किंग/पोर्च तथा रेन वाटर की व्यवस्था करना अनिवार्य किया गया है। इसके अलावा भवन से नगर पंचायत की सार्वजनिक नाली तक पक्की नाली का निर्माण हितग्राही को अपने खर्च पर करना होगा।
दूसरे की जमीन पर निर्माण किया तो निकाय तोड़ेगा मकान
अनुज्ञा में स्पष्ट किया गया है कि निर्माण केवल हितग्राही की स्वयं की भूमि पर ही किया जा सकेगा। किसी दूसरे व्यक्ति अथवा शासकीय भूमि पर निर्माण किए जाने की स्थिति में उसे अवैध माना जाएगा और निकाय द्वारा तत्काल तोड़े जाने की कार्रवाई की जा सकती है। इसके लिए पूरी जिम्मेदारी हितग्राही की होगी।
सीढ़ी, छज्जा और खिड़की भी स्वयं के स्वामित्व वाली भूमि की सीमा में ही रखने होंगे। शासकीय अथवा दूसरे की भूमि की ओर दरवाजा या खिड़की खोलने तथा किसी प्रकार का अतिक्रमण करने पर रोक लगाई गई है।
हर चरण की होगी फोटो और जियो टैगिंग
प्रधानमंत्री आवास की राशि जारी करने के लिए निर्माण की प्रत्येक महत्वपूर्ण अवस्था की फोटो और जियो टैगिंग अनिवार्य होगी। नींव खुदाई, प्लिंथ लेवल, लिंटल लेवल, छत निर्माण तथा फिनिशिंग कार्य पूर्ण होने के बाद क्रमशः फोटोग्राफ प्रस्तुत करने होंगे।इतना ही नहीं, निर्माण शुरू करने से पहले कच्चे मकान का फोटो और मकान तोड़े जाने के बाद का फोटो भी प्रस्तुत करना होगा। निर्धारित फोटोग्राफ प्राप्त होने के बाद ही नियमानुसार राशि जारी की जाएगी।
दस्तावेज फर्जी मिले तो अनुमति होगी निरस्त
अनुज्ञा में सबसे महत्वपूर्ण चेतावनी यह दी गई है कि आवेदन के साथ प्रस्तुत दस्तावेज एवं पटवारी प्रतिवेदन के आधार पर अनुमति दी जा रही है। भविष्य में यदि कोई दस्तावेज फर्जी, नकली, अपात्र या अधिनियम के विपरीत पाया जाता है तो भवन निर्माण की अनुमति स्वतः निरस्त मानी जाएगी और संबंधित हितग्राही के विरुद्ध न्यायालयीन कार्रवाई भी की जा सकती है।अनुमति में छत्तीसगढ़ भूमि विकास अधिनियम 1984 तथा छत्तीसगढ़ नगर पालिका अधिनियम 1961 के प्रावधानों का पालन अनिवार्य किया गया है। यह अनुज्ञा नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के पत्र क्रमांक फाइल,नं.प्रोज-4109/255/2025-उड़, दिनांक 16 जून 2025 के निर्देशों के अनुसार तथा नगर पालिका अधिनियम 1961 की धारा 187 के तहत जारी की गई है।नियमों की अनदेखी, गलत जानकारी अथवा शर्तों के उल्लंघन की स्थिति में प्रधानमंत्री आवास की यह अनुमति स्वतः निरस्त हो सकती है।



