धरमजयगढ़ में एकलव्य विद्यालय में छात्रों का बवाल: भोजन में कीड़े-कांच मिलने का आरोप, प्राचार्य हटाने की मांग पर कक्षाओं का बहिष्कार

धरमजयगढ़ | गुरुवार
धरमजयगढ़ में संचालित लैलूंगा संयुक्त एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में गुरुवार को छात्र-छात्राओं का आक्रोश फूट पड़ा। विद्यार्थियों ने विद्यालय प्रबंधन के खिलाफ खुलकर मोर्चा खोलते हुए कक्षाओं का बहिष्कार कर दिया और प्राचार्य पर गंभीर आरोप लगाते हुए उन्हें तत्काल हटाने की मांग की।
मीडिया के सामने छात्रों ने अपनी समस्याएं रखते हुए कहा कि विद्यालय में लंबे समय से अव्यवस्थाएं बनी हुई हैं। विद्यार्थियों का आरोप है कि प्राचार्य कई-कई दिनों तक विद्यालय से अनुपस्थित रहते हैं, जिससे शैक्षणिक गतिविधियों और प्रशासनिक कार्यों पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है।

भोजन की गुणवत्ता पर गंभीर आरोप
छात्र-छात्राओं ने भोजन की गुणवत्ता पर भी गंभीर सवाल उठाए। उनका कहना है कि भोजन में कई बार कीड़े और कांच के टुकड़े तक पाए गए हैं। विद्यार्थियों का आरोप है कि कागजों में और निरीक्षण के दौरान भोजन की गुणवत्ता अच्छी दिखाई जाती है, जबकि वास्तविकता में निम्न स्तर का भोजन परोसा जा रहा है। इसके अलावा दैनिक उपयोग की कई आवश्यक वस्तुएं भी समय पर उपलब्ध नहीं कराई जातीं।
लंबे समय से शिकायत, नहीं हुई कार्रवाई
विद्यार्थियों का कहना है कि वे लंबे समय से समस्याओं के समाधान की मांग कर रहे थे, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने के कारण उन्हें कक्षाओं का बहिष्कार करने के लिए मजबूर होना पड़ा। छात्रों ने संबंधित अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच कराने, प्राचार्य के खिलाफ उचित कार्रवाई करने और विद्यालय की व्यवस्थाओं में तत्काल सुधार की मांग की है।

गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के उद्देश्य पर उठे सवाल
गौरतलब है कि एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय द्वारा राज्य सरकार के सहयोग से संचालित किए जाते हैं। इन विद्यालयों का उद्देश्य दूरस्थ एवं जनजातीय क्षेत्रों के मेधावी विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण, निःशुल्क आवासीय शिक्षा उपलब्ध कराना है, ताकि वे शिक्षा, खेल, विज्ञान, तकनीक और प्रतियोगी परीक्षाओं में बेहतर अवसर प्राप्त कर सकें। विद्यार्थियों के ताजा आरोपों ने विद्यालय की व्यवस्थाओं और निगरानी तंत्र पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं।
स्थानीय लोगों और अभिभावकों की नजर अब प्रशासनिक जांच और आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है।



