शाहपुर का लाल बना आसमान का सरताज 18 वर्ष की उम्र में भारतीय वायु सेना में फ्लाइंग ऑफिसर बने प्रियांशु पटेल, गांव ने किया ऐतिहासिक स्वागत#देखे वीडियो#

धरमजयगढ़//ग्राम शाहपुर के लिए यह गर्व, सम्मान और प्रेरणा का एक अविस्मरणीय क्षण है। गांव के होनहार युवा प्रियांशु पटेल ने राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) की परीक्षा उत्तीर्ण कर भारतीय वायु सेना में फ्लाइंग ऑफिसर के रूप में चयन प्राप्त कर पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है। उनकी इस शानदार उपलब्धि से न केवल परिवार बल्कि पूरा शाहपुर गांव गौरवान्वित महसूस कर रहा है।
प्रियांशु पटेल, ग्राम शाहपुर निवासी श्री जोगेंद्र पटेल के सुपुत्र हैं। उन्होंने कोलकाता में रहकर अपनी शिक्षा प्राप्त की और कठिन परिश्रम, अनुशासन तथा दृढ़ संकल्प के बल पर यह मुकाम हासिल किया। उनकी सफलता यह साबित करती है कि ग्रामीण अंचलों के युवा भी बड़े सपने देखकर उन्हें साकार कर सकते हैं।
प्रियांशु के प्रथम गृह आगमन पर ग्राम शाहपुर के समस्त ग्रामवासियों द्वारा भव्य स्वागत एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। गांव पहुंचते ही ग्रामीणों ने गाजे-बाजे, फूल-मालाओं और गुलदस्तों के साथ उनका तथा उनके माता-पिता का जोरदार स्वागत किया। स्वागत यात्रा के दौरान पूरे गांव में उत्साह और खुशी का माहौल देखने को मिला।
कार्यक्रम की शुरुआत गांव के हनुमान मंदिर में पूजा-अर्चना के साथ हुई। इसके बाद ग्रामीणों ने प्रियांशु और उनके माता-पिता का सम्मान किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में वरिष्ठ नागरिक, जनप्रतिनिधि, माताएं-बहनें, युवा वर्ग एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। ग्रामीणों द्वारा श्रद्धालुओं के बीच खीर एवं खिचड़ी प्रसाद का भी वितरण किया गया।
दिलीप मिश्रा शाहपुर निवासी
ने कहा कि आज के समय में अधिकांश बच्चे मोबाइल और सोशल मीडिया की दुनिया में व्यस्त रहते हैं, लेकिन प्रियांशु ने इन सभी आकर्षणों से दूर रहकर अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित किया। यही कारण है कि उन्होंने कम उम्र में इतनी बड़ी सफलता हासिल कर क्षेत्र के युवाओं के लिए एक मिसाल पेश की है। उन्होंने कहा कि इस उपलब्धि में प्रियांशु के माता-पिता का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा है, जिन्होंने हर कदम पर उनका मार्गदर्शन और सहयोग किया।प्रियांशु पटेल की सफलता आज पूरे धरमजयगढ़ ब्लॉक में चर्चा का विषय बनी हुई है। ग्रामीणों का मानना है कि स्थानीय प्रशासन को भी ऐसे प्रतिभाशाली युवा का सम्मान करना चाहिए, ताकि अन्य बच्चों और युवाओं को भी प्रेरणा मिल सके।
युवाओं के लिए प्रेरणा बना प्रियांशु का संघर्ष
प्रियांशु पटेल की कहानी केवल एक व्यक्ति की सफलता नहीं, बल्कि मेहनत, अनुशासन और देशभक्ति की जीत की कहानी है। उनकी उपलब्धि यह संदेश देती है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और उसे पाने का जुनून हो, तो किसी भी परिस्थिति में सफलता प्राप्त की जा सकती है।
गांव के बच्चों और युवाओं में भी इस सफलता के बाद नया उत्साह देखने को मिल रहा है। कई छात्र अब सेना, वायु सेना, नौसेना और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने के लिए प्रेरित हो रहे हैं। प्रियांशु की उपलब्धि ने यह विश्वास जगाया है कि ग्रामीण क्षेत्र का कोई भी बच्चा अपनी मेहनत के दम पर देश की सर्वोच्च सेवाओं में स्थान बना सकता है।ग्राम शाहपुर का यह सम्मान समारोह केवल एक स्वागत कार्यक्रम नहीं था, बल्कि यह शिक्षा, संघर्ष, अनुशासन और राष्ट्रसेवा के मूल्यों को सम्मानित करने का एक प्रेरणादायक आयोजन बन गया। प्रियांशु पटेल की सफलता आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनकर लंबे समय तक याद रखी जाएगी।



