सुशासन तिहार में दिखी मानवता की मिसाल : तहसीलदार हितेश कुमार साहू ने गरीब के घर पहुंचाई रोशनी, पिता-पुत्र के चेहरे पर लौटी मुस्कान#देखे वीडियो#

धरमजयगढ़/छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा 1 मई से 10 जून 2026 तक आयोजित “सुशासन तिहार” के तहत ग्रामीणों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए लगातार शिविर लगाए जा रहे हैं। इसी क्रम में गुरुवार को धरमजयगढ़ ब्लॉक के ग्राम पंचायत बायसी कालोनी स्थित मिडिल स्कूल में विशाल शिविर का आयोजन किया गया, जहां प्रशासनिक संवेदनशीलता और मानवता की एक प्रेरणादायक तस्वीर देखने को मिली।शिविर में शाहपुर, रुपुंगा, नरकालो, उदउदा, नेवार, बोरो, जबगा, अमलीटिकरा, नागदरहा, सिंगार, सागरपुर, दर्दीडीह, ओंगना पोटिया, अमापाली और गेरसा सहित कुल 17 ग्राम पंचायतों के ग्रामीणों के लिए विभिन्न विभागों के काउंटर लगाए गए थे।

हालांकि ग्राम पंचायत बायसी में पंच चुनाव एवं आचार संहिता लागू होने के कारण वहां का काउंटर नहीं लगाया गया था।इसी दौरान ग्राम लाखपत्रा निवासी श्री सुकुल राठिया पिता स्वर्गीय चंदर सिंह राठिया हाथ में आवेदन लेकर इधर-उधर भटकते नजर आए। काउंटर नहीं होने के कारण वे अपनी समस्या किसे बताएं, इसे लेकर परेशान थे। तभी वे सीधे मंच पर पहुंचे जहां जनपद सीओ मदन लाल साहू,भाजपा युवा नेता शशि पटेलऔर तहसीलदार हितेश कुमार साहू मंच पर बैठे हुए थे तभी पीड़ित ने तहसीदार को आवेदन सौंपा।जानकारी लेने पर पता चला कि सुकुल राठिया की पत्नी की लगभग 8 वर्ष पूर्व प्रसव के दौरान बच्चे को जन्म दिया और फिर उनकी मृत्यु हो गई थी।
और तब से वे अपने छोटे पुत्र के साथ बेहद,कठिन,परिस्थितियों में जीवन यापन कर रहे हैं। शासन की योजना के तहत उन्हें प्रधानमंत्री आवास तो मिला, लेकिन आर्थिक तंगी के चलते वे अपने घर में बिजली कनेक्शन नहीं लगवा पाए। गांव में लगभग हर घर रोशन था, लेकिन सुकुल का घर अंधेरे में डूबा रहता था। मजदूरी कर किसी तरह पिता-पुत्र अपना जीवन चला रहे थे।सुकुल की पीड़ा सुनते ही तहसीलदार हितेश कुमार साहू ने संवेदनशीलता दिखाते हुए तत्काल बिजली मिस्त्री को बुलाया और उसी रात करीब 8 बजे तक सुकुल के घर में बिजली की व्यवस्था करवा दी। घर के दोनों कमरों में बल्ब जलते ही वर्षों से अंधेरे में जी रहे पिता-पुत्र के चेहरे पर खुशी और सुकून साफ दिखाई देने लगा।बल्ब की रोशनी में चमकती वह मुस्कान अब पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। सुशासन तिहार के इस शिविर में तहसीलदार हितेश कुमार साहू द्वारा दिखाई गई मानवीय संवेदना ने यह साबित कर दिया कि प्रशासन यदि संवेदनशील हो तो सरकारी योजनाएं वास्तव में जरूरतमंदों तक पहुंच सकती हैं।



