भारतमाला परियोजना में बड़ा विरोध: 70 साल से बसे ग्रामीणों ने उठाई आवाज, बिना पुनर्वास नहीं देंगे जमीन

धरमजयगढ़ (रायगढ़)। भारत सरकार की महत्वाकांक्षी भारतमाला परियोजना के तहत प्रस्तावित राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण को लेकर ग्राम मेढ़रमार कॉलोनी के ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। करीब 70 वर्षों से निवासरत ग्रामीणों ने पुनर्वास और पूर्ण मुआवजे की मांग को लेकर अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) धरमजयगढ़ को ज्ञापन सौंपा।ग्रामीणों का कहना है कि पहले यह मार्ग प्रेमनगर से बिहारी ढाबा होते हुए प्रस्तावित था, लेकिन अब इसका रूट बदलकर सीधे मेढ़रमार कॉलोनी से कर दिया गया है, जिससे कई परिवारों के आशियाने उजड़ने का खतरा मंडरा रहा है।ज्ञापन सौंपने पहुंचे ग्रामीणों में गगन मंडल, रबिंद्र मंडल, विधान सहित प्रभावित ग्रामीण शामिल रहे।

उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि इस कॉलोनी में कई परिवार दशकों से बसे हुए हैं और पूर्व में शासन द्वारा ही पुनर्वास के तहत उन्हें बसाया गया था।ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सर्वे के दौरान यह भ्रम फैलाया जा रहा है कि उन्हें न तो पूरी तरह मुआवजा मिलेगा और न ही पुनर्वास की सुविधा, जिससे गांव में भय और असंतोष का माहौल है।
ग्रामीणों की प्रमुख मांगें पहले सभी प्रभावित परिवारों के लिए पुनर्वास भूमि सुनिश्चित की जाए
पुनर्वास के बाद ही भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो मकान, जमीन और अन्य संपत्तियों का पूर्ण और उचित मुआवजा दिया जाए किसी भी कार्रवाई से पहले ग्रामीणों के हितों का संरक्षण किया जाए
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि उनकी समस्याओं पर संवेदनशीलता के साथ विचार कर न्यायोचित निर्णय लिया जाए, अन्यथा आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है।ज्ञापन की प्रतिलिपि कलेक्टर रायगढ़ को भी भेजी गई है।



