भाजपा युवा मोर्चा अध्यक्ष समय अग्रवाल का ऐलान — गौ तस्करी नहीं रुका तो होगा उग्र आंदोलन,देखे वीडियो

धरमजयगढ़ (रायगढ़) — क्षेत्र में गौ तस्करी को लेकर एक बार फिर माहौल गरमा गया है। भाजपा युवा मोर्चा अध्यक्ष समय अग्रवाल लगातार मवेशियों की अवैध ढुलाई को रोकने में सक्रिय नजर आ रहे हैं। उन्होंने खुलकर चेतावनी दी है कि यदि जल्द सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो गौ माता की सुरक्षा के लिए उग्र आंदोलन किया जाएगा।समय अग्रवाल का कहना है कि पहले तस्कर जंगलों के रास्तों से मवेशियों को खदेड़कर ले जाते थे और धरमजयगढ़ के बाकारुमा मवेशी बाजार तक पहुंचाते थे।
लेकिन वर्तमान में बाजार बंद होने के बाद अब तस्करों ने नया तरीका अपना लिया है।अब खुलेआम पिकअप वाहनों में मवेशियों को भरकर, बिना पर्याप्त पानी और चारा दिए, भारी गर्मी में जशपुर जिले की ओर ले जाया जा रहा है।बताया जा रहा है कि हर शुक्रवार को भैसमा क्षेत्र से कई पिकअप वाहन मवेशियों को लेकर निकलते हैं। बीते दिनों समय अग्रवाल ने ऐसे दर्जनों पिकअप को पकड़कर पुलिस थाने तक पहुंचाया।
हालांकि, पुलिस द्वारा जांच के बाद भैसमा पंचायत की पर्ची दिखाए जाने पर लिखापढ़ी कर वाहनों को छोड़ दिया जाता है, जिस पर अब सवाल खड़े हो रहे हैं।समय अग्रवाल ने आरोप लगाया कि पहले चोरी-छिपे जंगलों से तस्करी होती थी, लेकिन अब पर्ची दिखाकर खुलेआम पुलिस को भी चकमा दिया जा रहा है।

इसी कड़ी में आज रात भी एक पिकअप जिसक वाहन क्रमांक CG 15 DJ 5796 पकड़कर थाने लाया गया है, जिस पर पुलिस की कार्रवाई का इंतजार है। आने वाले कुछ घंटों में स्थिति साफ हो जाएगी।
पुलिस द्वारा पिकअप में ले जा रहे मवेशी पर कर सकती है कार्यवाही?
गौ तस्करी एवं मवेशियों की क्रूरता से ढुलाई के मामलों में निम्न धाराएं लागू हो सकती हैं—पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, 1960 (Prevention of Cruelty to Animals Act)धारा 11 — पशुओं के साथ क्रूरता छत्तीसगढ़ कृषि पशु संरक्षण अधिनियम, 2004 गौवंश के वध एवं अवैध परिवहन पर प्रतिबंध मोटर व्हीकल एक्ट, 1988ओवरलोडिंग एवं पशु परिवहन नियमों का उल्लंघन भारतीय दंड संहिता (IPC)धारा 429 — पशुओं को नुकसान पहुंचाना या मारना पर अपराध दर्ज कर कार्यवाही कर सकता है।
राजनीतिक हलचल तेज
सबसे खास बात यह है कि समय अग्रवाल ने अपनी ही सरकार के खिलाफ आंदोलन की चेतावनी दे दी है, जिससे राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।अब सभी की नजरें धरमजयगढ़ पुलिस पर टिकी हैं कि इस पूरे मामले में क्या सख्त कार्रवाई होती है या फिर पहले की तरह मामला शांत कर दिया जाता है।



