विकास कार्यों से गांव में बना रहे पहचान, बायसी के उपसरपंच सुरेश राठिया लगातार सुर्खियों में।

लाखपतरा में नाली निर्माण से लेकर स्टेज मंच, मुक्तिधाम और सड़क सफाई तक, ग्रामीण विकास कार्यों को दे रहे प्राथमिकता; ग्रामीण कर रहे सराहना
धरमजयगढ़। ग्राम पंचायत बायसी के उपसरपंच सुरेश राठिया इन दिनों पंचायत क्षेत्र में लगातार हो रहे विकास कार्यों को लेकर चर्चा में हैं। गांव में बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने और शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से विकास कार्यों को आगे बढ़ाने के प्रयासों के चलते वे ग्रामीणों के बीच अपनी पहचान बना रहे हैं।पंचायत क्षेत्र में लाखपतरा में नाली निर्माण, लाखपतरा में स्टेज मंच निर्माण, बीजापतरा में स्टेज मंच, मुक्तिधाम से जुड़े कार्यों तथा सड़क सफाई जैसे विभिन्न कार्यों को लेकर लगातार सक्रियता दिखाई दे रही है।

इन कार्यों का उद्देश्य गांव में जरूरी सुविधाओं को बेहतर बनाना और ग्रामीणों को सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराना है।ग्रामीण क्षेत्रों में नाली निर्माण से जल निकासी की समस्या दूर करने, स्टेज मंच के माध्यम से सामाजिक एवं सार्वजनिक कार्यक्रमों के लिए स्थान उपलब्ध कराने तथा मुक्तिधाम जैसी आवश्यक सुविधाओं को बेहतर बनाने का विशेष महत्व है। वहीं, सड़क सफाई से गांव की स्वच्छता और आवागमन को सुगम बनाने में मदद मिलती है।

ग्रामीणों के बीच विकास कार्यों की चर्चा
ग्राम पंचायत बायसी में हो रहे इन कार्यों को लेकर ग्रामीणों में सकारात्मक चर्चा देखने को मिल रही है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में बुनियादी सुविधाओं से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता मिलना जरूरी है। पंचायत स्तर पर विकास कार्यों के लिए लगातार प्रयास किए जाने से गांव की जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलती है।उपसरपंच सुरेश राठिया की सक्रियता को ग्रामीण विकास की दिशा में एक सकारात्मक पहल के रूप में देखा जा रहा है। पंचायत क्षेत्र में सड़क, नाली, सार्वजनिक मंच और मुक्तिधाम जैसी सुविधाओं का विकास गांव के सामाजिक जीवन के लिए महत्वपूर्ण है।अब ग्रामीणों की उम्मीद है कि इसी तरह पंचायत क्षेत्र के अन्य जरूरी कार्यों पर भी ध्यान दिया जाएगा, ताकि गांव के प्रत्येक हिस्से तक विकास का लाभ पहुंच सके।
गांव का विकास ही प्राथमिकता
ग्राम पंचायत बायसी में चल रहे विकास कार्यों के बीच उपसरपंच सुरेश राठिया की भूमिका चर्चा का विषय बनी हुई है। ग्रामीणों की अपेक्षा है कि शासन की योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचे और पंचायत क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार निरंतर जारी रहे।



