कोयला नीलामी के खिलाफ आदिवासियों ने फिर भरी हुंकार,9 अक्टूबर को धरमजयगढ़ में जंगी रैली और जनसभा।

नवागांव ईस्ट-वेस्ट कोल ब्लॉक की नीलामी रोकने की मांग, 9 अक्टूबर को धरमजयगढ़ में जनसभा और रैली
धरमजयगढ़। नवागांव ईस्ट एवं नवागांव वेस्ट कोल ब्लॉक की प्रस्तावित नीलामी के विरोध में एक बार फिर आदिवासी ग्रामीणों ने आवाज बुलंद करने की तैयारी शुरू कर दी है। कोयला खनन से जंगल, पर्यावरण और जंगली हाथियों के अस्तित्व पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों को लेकर ग्राम पंचायत नवागांव के ग्रामीणों द्वारा 9 अक्टूबर 2026 को धरमजयगढ़ के क्लब ग्राउंड में शांतिपूर्ण जनसभा एवं रैली आयोजित करने के लिए अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) धरमजयगढ़ से अनुमति मांगी गई है।ग्रामीणों का कहना है कि नवागांव ईस्ट और नवागांव वेस्ट कोल ब्लॉक की नीलामी से क्षेत्र के जंगल, वन्यजीव, पर्यावरण तथा ग्रामीणों के जल-जंगल-जमीन पर गंभीर असर पड़ सकता है। विशेष रूप से धरमजयगढ़ क्षेत्र में लगातार बढ़ रहे मानव-हाथी संघर्ष को देखते हुए जंगलों और हाथियों के प्राकृतिक आवास को संरक्षित रखना बेहद जरूरी है।

कोल मंत्रालय को भेजेंगे आपत्ति और ज्ञापन
आयोजकों के अनुसार जनसभा के माध्यम से ग्रामीण अपनी मांगों और आपत्तियों को लिखित रूप में भारत सरकार के कोयला मंत्रालय तक पहुंचाना चाहते हैं। इसके लिए धरमजयगढ़ एसडीएम के माध्यम से ज्ञापन एवं आपत्ति पत्र भेजने की तैयारी है। ग्रामीणों की प्रमुख मांग नवागांव ईस्ट एवं नवागांव वेस्ट कोल ब्लॉक की प्रस्तावित नीलामी को तत्काल रोकना है।
राजा गेट से SDM कार्यालय तक निकलेगी रैली
कार्यक्रम के अनुसार 9 अक्टूबर को सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक क्लब ग्राउंड में जनसभा होगी। इसके बाद दोपहर 2 बजे राजा गेट से रैली शुरू होकर गांधी चौक होते हुए एसडीएम कार्यालय तक पहुंचेगी। यहां ग्रामीण अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपेंगे। कार्यक्रम में ध्वनि विस्तारक यंत्र का भी उपयोग किया जाएगा।
सरपंच से लेकर पंच तक आंदोलन में शामिल
कार्यक्रम के आयोजकों में ग्राम पंचायत नवागांव की सरपंच सुलोचना सिंदार, उपसरपंच उर्मिला यादव, पंच उर्मिला सिदार, गुलापी सिदार, सावित्री महंत, नील कुमार राठिया, पृथ्वी राठिया, किशोर बेहरा, राजेश भगत, देवमोती राठिया सहित फिरू राठिया और सुरज राठिया शामिल हैं।ग्रामीणों ने प्रशासन से शांतिपूर्ण जनसभा एवं रैली के आयोजन की अनुमति प्रदान करने की मांग की है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस कार्यक्रम को लेकर क्या निर्णय लेता है।ग्रामीणों का स्पष्ट संदेश है—जंगल, जमीन और वन्यजीवों की कीमत पर कोयला खनन और नीलामी मंजूर नहीं होगी।



