ग्रामीणों का अपील दिन सोमवार को 18 कोयला खदान के खिलाफ जंगली हाथी,जल,जंगल,जमीन को बचाने आम सभा एवं जंगी रैली में शामिल हो ग्रामीण

साथियों नमस्कार अब हमको जागने की जरूरत है हमारे क्षेत्र में 18 कोयला खदान शुरू होने वाला है, जिससे जल,जंगल,जमीन आदिवासियों और जंगली हाथियों काअस्तित्व बिल्कुल खतरे में है,आप लोगों से अपील है कि 29 दिसम्बर दिन सोमवार समय 11बाजे क्लब ग्राउंड धरमजयगढ़ आम सभा रैली का आयोजन किया गया है आपके अस्तित्व को बचाने के लिए आपका आना बहुत जरूरी है।

,वर्तमान समय में छत्तीसगढ़ के चारों तरफ आदिवासियों के जल,जंगल,जमीन को लेकर प्रशासन के बीच नोक झोंक दिखाई दे रहा है,जहां आज 16 दिनों से रायगढ़ जिंदल गारे पेलमा सेक्टर 1 कोयला खदान के फर्जी जनसुनवाई के खिलाफ ग्रामीण कड़कती ठंड में आमने अस्तित्व को बचाने की लड़ाई में डटे हुए है,उसी तरह हमारे धरमजयगढ़ में भी आदिवासियों के जल,जंगल जमीन को लेकर ग्रामीण लामबंद हो रहे है,जो ग्रामीण आज तक अपने जल,जंगल जमीन पर आश्रित ग्रामीण आज उनके अपने अस्तित्व को बचने के लिए लगातार संघर्ष करते देखे जा रहे है,

साथियों हमारा धरमजयगढ़ वन मंडल में कुल 6 रेंज है जिसमें सबसे जायदा घना जंगल छाल रेंज और धरमजयगढ़ रेंज में, है।इन्हीं दोनों रेंजों में जंगली हाथियों का झुंड लगातार देखे जाते है,आने वाले दिनों में बेजुबान जंगली हाथियों पर बड़ा संकट दिख रहा है,इन्हीं दो रेंजो में 18 कोयला खदान प्रस्तावित है, और 52 आदिवासी ग्राम पंचायत बसे हुए है,चिन्हांकित 18 कोयला खदान की नीलामी लगातार कोयला मंत्रालय द्वार भारत सरकार द्वारा किया जा रहा है,जिसमें अब तक 6 कोयला खदान की नीलामी हो चुका है उसका नाम दुर्गापुर 2 सरिया कोयला खदान,दुर्गापुर 2 तराईमार कोयला खदान इन दोनों खदान को सुप्रीम कोर्ट से निरस्त कर दिया गया था,जब इसका दुबारा नीलामी किया गया पश्चात इन दोनों कोयला खदान कर्नाटक पॉवर लिमिटेड के लिए प्रस्तावित हुआ है, दुर्गापुर,शाहपुर SECL कोयला खदान,शेरबान नीलकंठ कोयला खदान,इंद्रमणि बायसी कोयला खदान और अडानी पुरुंगा कोयला खदान इन कोल ब्लॉक की नीलामी अब तक हो चुका है और जो 12 कोयला खदान की नीलामी आने वाले दिनों में किया जाना है, उसको भी आपको जानने की जरूरत है सिथरा कोयला खदान, नवागांव इष्ट कोयला खदान, नवागांव वेस्ट कोयला खदान, ओंगना पोटिया कोयला खदान, कोइलार कोयला खदान, चैनपुर कोयला खदान, बोजिया कोयला खदान, फतेपुर कोयला खदान, फतेपुर इष्ट कोयला खदान, वेस्ट आफ बायसी कोयला खदान, छाल कोयला खदान, और तेंदुमुरी कोयला खदान शामिल है

आप सोचिए कि इन बेजुबान जंगली हाथियों के घरों में 18 कोयला खदान खोले जाएंगे तो इन बेजुबान जंगली हाथियों को क्या होगा,जंगल काटे जाने की स्थिति में उन 52 आदिवासियों ग्राम पंचायत का क्या होगा हमे इस पर सोचने की जरूरत है,आइए हम सभी मिल कर इन बेजुबान जंगली हाथियों की सुरक्षा के लिए आवाज उठाते है, आप सभी 118 पंचायत के ग्रामीणों से यह अपील हैं कि 29 जनवरी दिन सोमवार को क्लब ग्राउन धरमजयगढ़ दुर्गा मंच में एकत्रित होकर जंगली हाथियों की सुरक्षा को लेकर आवाज बुलंद करते है, ताकि हम ग्रामीणों की आवाज कोयला मंत्रालय और पर्यावरण मंत्रालय भारत सरकार तक पहुंचे ताकि जो बेजुबान जंगली हाथी जल,जंगल जमीन और और जन मानस भी सुरक्षित रह सके आइए हम मिल कर आवाज उठाएं धन्यवाद।



