धरमजयगढ़ में अडानी कर्मियों पर ग्रामीणों का आरोप — गलत जानकारी देकर बाँट रहे हैं आदिवासियों को

धरमजयगढ़ (रायगढ़)।
अडानी समूह की सहायक कंपनी मेसर्स अंबुजा सीमेंट्स लिमिटेड द्वारा प्रस्तावित पुरुंगा भूमिगत कोयला खदान को लेकर क्षेत्र में विरोध और विवाद बढ़ता जा रहा है। बरतापाली, साम्हरसिंघा, पुरूंगा, तेंदुमुड़ी और कोकदार ग्रामों के ग्रामीणों ने शुक्रवार को एक बैठक कर अडानी कंपनी के कर्मचारी खितीभूषण डनसेना पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि खितीभूषण डनसेना ने कुछ युवाओं से ग़लत जानकारी के आधार पर हस्ताक्षर कराए और उस दस्तावेज़ को विकास समर्थन के रूप में मीडिया में प्रचारित किया गया। बाद में ग्रामीणों को यह पता चला कि उस पत्र का उपयोग कंपनी के पक्ष में माहौल बनाने के लिए किया गया है।
ग्रामीणों ने बताया कि “हमसे कहा गया था कि यह पत्र केवल सुझाव के रूप में है, लेकिन बाद में इसे SDM को सौंपकर कंपनी का समर्थन दिखाया गया।
अब ग्रामीणों ने उस पत्र का खंडन करते हुए नया आवेदन SDM धरमजयगढ़ को सौंपा है।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि अडानी कंपनी के कोई भी कर्मचारी अब गांव में नहीं आएंगे, क्योंकि ग्रामीणों में कंपनी को लेकर भारी आक्रोश है। उन्होंने कहा कि कंपनी द्वारा “ग्रामवासियों को आपस में लड़ाने की कोशिश की जा रही है”, जिससे गांवों में शांति भंग हो रही है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि कंपनी के ऐसे कर्मचारियों की गांव में एंट्री पूर्णतः प्रतिबंधित की जाए, ताकि क्षेत्र में सौहार्द बना रहे
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पुरुंगा अडानी की जनसुनवाई को लेकर लगातार महिलाओं में भी भारी आक्रोश देखा जा रहा है और महिलाएं इस विरोध में लगातार भारी संख्या में विरोध करते नजर आ रहे है।



