दुर्गापुर SECL कोयला खनन परियोजना : ग्रामवासियों की आपत्ति के बावजूद प्रशासन करा रहा ड्रोन सर्वे, क्षेत्र में तनाव की आशंका

धरमजयगढ़।
एसईसीएल की प्रस्तावित दुर्गापुर कोयला खनन परियोजना को लेकर प्रभावित ग्रामों — दुर्गापुर, शाहपुर, धरमजयगढ़, धरमजयगढ़ कॉलोनी, तराईमा, बायसी एवं बायसी कॉलोनी — के ग्रामीणों ने स्पष्ट आपत्ति और लिखित आवेदन देने के बावजूद प्रशासन द्वारा जबरन सर्वे एवं ड्रोन सर्वे कराए जाने का मामला तूल पकड़ रहा है।
प्रभावित ग्रामवासियों ने 06 नवंबर 2025 को अनुविभागीय अधिकारी (रा.) एवं सहा. भू-अर्जन अधिकारी, धरमजयगढ़ को आवेदन देकर कहा था वृक्ष परिसंपत्ति सर्वे तथा ड्रोन सर्वे न कराए जाएं।

ग्राम सभाओं में पूर्व में ही कोयला खनन परियोजना का सर्वसम्मति से विरोध दर्ज किया जा चुका है। चूंकि यह इलाका अधिसूचित क्षेत्र है और पेसा कानून लागू है, इसलिए ग्राम सभा की अनुमति के बिना किसी भी प्रकार की खनन गतिविधि या सर्वे कानूनी रूप से बाध्यकारी नहीं है।
ग्रामीणों का आरोप है कि एसईसीएल के कर्मचारी द्वारा लगातार प्रभावित किसानों को भ्रमित करने के लिए स्थानीय एक दो दलाल जो पुराने समय जब से एस.ई.सी.एल.ओपन कोल ब्लॉक का नाम प्रस्वित हुआ है तब से कंपनी के कर्मचारी के पीछे झोला लेकर कुछ कागज लेकर ज्ञान बाटते देखे जाते है मानो खनन से आने वाले समय में धरमजयगढ़ दुबई बन जाएगा।

जनता समझदार है सब जानती है, दूसरी ओर, प्रशासन ने ग्रामवासियों की लिखित आपत्ति को नजरंदाज कर ड्रोन सर्वे जारी रखा, जिससे ग्रामीणों में नाराजगी और अविश्वास बढ़ गया है।
इसी कड़ी में आज ग्राम पंचायत,तराईमार में ग्रामीणों द्वारा बैठक आहूत किया गया,जिसमें ग्रामीण मुख्या, एवं युवा शामिल हुए,हर गांव में लगभग दो पक्ष देखे जाते है,लेकिन जब ग्रामीणों की सामने SECL ओपन कोल ब्लॉक खनन की बात आई तो तराईमार ग्रामीण एक होकर सहमति जताई कि किसी भी कीमत पर वे अपनी जमीन एसईसीएल को नहीं देंगे,और कोई भी सर्वे कार्य नहीं होने देंगे।
वही ग्राम पंचायत शाहपुर में किए जा रहे सर्वे की बात आई तो ग्रामीणों ने रात को ही बैठक आहूत की और प्रशासन द्वारा किए जा रहे सर्वे पर चर्चा करते हुए ठोस कदम उठाने की बात करते देखे गए,

ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन स्थानीय दलालों को साथ लेकर सर्वे करवाने की कोशिश कर रहा है, जबकि प्रभावित आबादी इसकी कड़ी विरोध में है। इस दबावपूर्ण प्रक्रिया के कारण ग्राम पंचायत शाहपुर सहित कई ग्रामों में बैठकों का दौर जारी है और ग्रामीणों में रोष बढ़ता जा रहा है।
तनाव की स्थिति पैदा होने की आशंका ग्रामीणों का आरोप है कि यदि प्रशासन और एसईसीएल इसी प्रकार जबरन ड्रोन सर्वे और भूमि मापन की प्रक्रिया आगे बढ़ाते रहे तो क्षेत्र में तनाव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है, जिसकी जिम्मेदारी पूर्णतः प्रशासन की होने की बात कही जा रही है।



