Latest News

जिंदल की जनसुनवाई के बाद ग्रामीण बोले,अडानी कोल ब्लॉक के लिए भूल जाए हमारा जंगल,आपकी बार हमारी लड़ाई प्रशासन से?#देखे वीडियो.

धरमजयगढ़//
रायगढ़ जिंदल के गारे पेलमा तमनार के धौराभाटा में 8 दिसंबर के जनसुनवाई के बाद ग्रामीणों में शासन-प्रशासन के प्रति गहरा अविश्वास और गुस्सा उभरकर सामने आया है। जिस तरह प्रशासन ने जनसुनवाई का संचालन किया, वह अब गांव से लेकर शहरों तक चर्चा का विषय बना हुआ है। आने वाले समय में जिन इलाकों में खनन प्रस्तावित है या जहां जनसुनवाई होनी है, वहां ग्रामीण स्पष्ट चेतावनी दे रहे

हैं,अडानी कोल ब्लॉक के लिए हमारा गांव भूल जाए सरकार। इस बार हमारी लड़ाई शासन-प्रशासन से,और हथियार हमारा संविधान होगा,ग्रामीण बोले—पेसा कानून और अनुच्छेद 244 हमारी ढाल, जल-जंगल-जमीन हमारी पहचान,ग्रामीणों का कहना है कि संविधान के अनुच्छेद 244, पंचम अनुसूची, और छत्तीसगढ़ पेसा अधिनियम 2022 उन्हें अपने संसाधनों, परंपराओं और ग्रामसभा के निर्णयों को सर्वोपरि रखता है,जंगली हाथियों की सुरक्षा,जंगल की रक्षा और जमीन की हिफाजत—यह हमारा धर्म भी है और हक भी,ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा।

अंबुजा-अडानी पुरुंगा जनसुनवाई निरस्त कराने की 30 घंटे की ऐतिहासिक लड़ाई

बीते 11 नवंबर को मेसर्स अंबुजा सीमेंट्स (अडानी) की पुरुंगा जनसुनवाई को निरस्त कराने ग्रामीणों ने जबरदस्त संघर्ष किया था,कलेक्टोरेट के बाहर कड़ी,बैरिकेडिंग ग्रामीणों का भीतर प्रवेश पर रोक,इसके बावजूद 30 घंटे से अधिक धरना,खुले आसमान के नीचे भोजन बनाकर डटे रहने की जिद,थके लेकिन टूटे नहीं।

अंततः ग्रामीणों के तीखे विरोध के सामने प्रशासन पिछड़ गया और जनसुनवाई स्थगित करने पर मजबूर हुआ। इसके बाद ग्रामीणों ने प्रभावित क्षेत्र को लगभग अभेद किले में बदल दिया, जहां प्रशासन की एक भी रणनीति असरदार नहीं हुई।

अब फिर से ‘पुरुंगा जनसुनवाई’ की सुगबुगाहट—ग्रामीणों की मीटिंग, नई रणनीति तैयार

मेसर्श अंबुजा सीमेंट्स पुरुंगा अडानी की जनसुनवाई फिर से कराने की चर्चाओं के बीच 12 दिसंबर को पुरुंगा हाई स्कूल मैदान में ग्रामीणों की बड़ी बैठक आयोजित हुई,बैठक में—आंदोलन की रणनीति कानून और संविधान के प्रावधान,ग्रामसभाओं की एकजुटता,आने वाले विरोध कार्यक्रमों की रूपरेखा सब पर विस्तृत चर्चा की गई।

ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा कि वे अपने अधिकारों की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जाएंगे,ग्रामीणों का अंतिम संदेश स्पष्ट,इस बार दांव जंगल का,पानी का,जमीन का है और लड़ाई संविधान की धाराओं के साथ—हमारे अधिकारों से खिलवाड़ बर्दाश्त नही करेंगे।

Sajal Kumar Madhu

नेटवर्क कवरेज के साथ Navratna Bharat लेकर आता है आपकी लोकल और राष्ट्रीय खबरें—वास्तविक रिपोर्ट, फील्ड रिपोर्टिंग और विशेषज्ञ विश्लेषण।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button