धरमजयगढ़ में हाथियों के ‘टापू’ पर कोयले का खतरा! 18 कोल ब्लॉक निरस्तीकरण को लेकर 29 दिसंबर सोमवार को विशाल जनरैली

धरमजयगढ़/ विशेष रिपोर्ट
धरमजयगढ़ वन मंडल को जंगली हाथियों का सुरक्षित टापू कहा जाए तो कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी। वर्षों से यहां के घने जंगलों और 52 ग्राम पंचायत क्षेत्रों में जंगली हाथियों का लगातार विचरण रहा है। इसी संवेदनशील वन क्षेत्र में प्रस्तावित 18 कोल ब्लॉक को लेकर अब जनआक्रोश तेज हो गया है।

जंगली हाथियों की सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण तथा जल–जंगल–जमीन की रक्षा के उद्देश्य से धरमजयगढ़ ब्लॉक की 118 पंचायतों के ग्रामीण, किसान एवं आदिवासी समाज द्वारा 29 दिसंबर 2025, सोमवार को शांतिपूर्ण सभा एवं रैली का आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन धरमजयगढ़ क्लब ग्राउंड से प्रारंभ होकर गांधी चौक, बस स्टैंड, पोस्ट ऑफिस रोड होते हुए कचहरी परिसर तक पहुंचेगा।आयोजकों के अनुसार, जिस क्षेत्र में घने जंगल हैं और जहां हाथियों का झुंड वर्षों से निवासरत है, वहां कोयला खनन न केवल पर्यावरण बल्कि मानव-वन्यजीव संघर्ष को भी बढ़ावा देगा। इसी को देखते हुए सभी प्रस्तावित 18 कोल ब्लॉकों को निरस्त करने की मांग की जाएगी।
*धरमजयगढ़ ब्लॉक के छाल और धरमजयगढ़ रेंज में 18 कोल ब्लॉक का देखे लिस्ट *
सिथरा रामनगर,नवागांव इष्ट,नवागांव वेस्ट,ओंगना पोटिया,कोइलार,चैनपुर, बोजिया,फतेपुर,फतेपुर ईस्ट,वेस्ट आफ बायसी,मेसर्स अंबुजा सीमेंट्स अडानी पुरुंगा,दुर्गापुर 2 तराईमार,दुर्गापुर 2 सरिया कोल ब्लॉक उक्त दोनों कोल ब्लॉक कर्नाटक पावर लिमिटेड के लिए प्रस्तावित हुआ,इंद्रमणि बायसी,SECL शाहपुर दुर्गापुर,शेरबान नीलकंठ,तेंदुमुरी, और छाल कोयला खदान को निरस्त किए जाने की मांग की जा रही है,सभा के उपरांत अनुविभागीय अधिकारी (रा.) धरमजयगढ़ को ज्ञापन सौंपा जाएगा, जिसमें जंगली हाथियों की सुरक्षा, स्थानीय जनजीवन और पर्यावरण को बचाने की मांग प्रमुख रूप से रखी जाएगी। इस संबंध में प्रशासन और पुलिस थाना को पूर्व सूचना भी दी गई है।
ग्रामीणों का साफ कहना है कि विकास के नाम पर जंगल उजाड़ने और हाथियों का घर छीनने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
अब देखना होगा कि इस व्यापक जनआंदोलन पर शासन-प्रशासन क्या रुख अपनाता है।



