धान खरीदी अव्यवस्थाओं को लेकर कांग्रेस का उग्र तेवर,SDM के नाम ज्ञापन सुधार नहीं हुआ तो आंदोलन की चेतावनी

धरमजयगढ़/
छत्तीसगढ़ शासन की धान खरीदी व्यवस्था में गंभीर खामियों को लेकर किसान वर्ग गहरे संकट में है। ऑनलाइन टोकन प्रणाली की विफलता, खरीदी सीमा में कटौती और तकनीकी गड़बड़ियों के कारण किसान परेशान हैं। हालात ऐसे बन गए हैं कि कई किसान मानसिक तनाव में हैं और आत्मघाती कदम उठाने को मजबूर हो रहे हैं,इन्हीं मुद्दों को लेकर आज ब्लॉक कांग्रेस कमेटी धरमजयगढ़ एवं कापू के नेतृत्व में सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ताओं और किसानों ने संयुक्त रूप से जोरदार रैली निकालकर प्रशासन के समक्ष अपनी मांगें रखीं। रैली के माध्यम से मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ शासन के नाम ज्ञापन सौंपते हुए धान खरीदी व्यवस्था में तत्काल सुधार की मांग की गई,

ज्ञापन में कांग्रेस ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि शीघ्र निराकरण नहीं हुआ तो पार्टी को उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा। यह धरना धरमजयगढ़ एवं कापू ब्लॉक का सामूहिक आंदोलन बताया गया,कांग्रेस की प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं—ऑनलाइन टोकन प्रणाली ठीक से कार्य नहीं कर रही है, इसलिए ऑफलाइन टोकन तत्काल जारी किए जाएं,शासन द्वारा निर्धारित प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी सुनिश्चित की जाए,एग्रीस्टेक के तहत गलत तरीके से कम किए गए रकबे को अविलंब जोड़ा जाए,धान की नमी का सही और पारदर्शी आंकलन किया जाए,जमीन के रकबे के अनुपात में टोकन की संख्या बढ़ाई जाए,किसानों की आपातकालीन (इमरजेंसी) स्थिति को देखते हुए टोकन की तारीख बढ़ाने की व्यवस्था हो,सोसायटी कर्मचारियों की हड़ताल के कारण विलंब से शुरू हुई धान खरीदी की अवधि आगे बढ़ाई जाए,कांग्रेस नेताओं ने कहा कि किसान छत्तीसगढ़ की रीढ़ हैं और उनके साथ किसी भी प्रकार का अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि प्रशासन और शासन ने समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज किया जाएगा।



