विधायक की चेतावनी अब 52 पंचायतें मिलकर जनसुनवाई रोकेगी?देखे वीडियो

धरमजयगढ़।
मेसर्स अंबुजा सीमेंट्स लिमिटेड (अडानी ग्रुप) की प्रस्तावित पुरुंगा भूमिगत कोयला खदान की 11 नवंबर की जनसुनवाई को लेकर अब आंदोलन निर्णायक मोड़ पर पहुँच गया है। प्रस्तावित 16 कोल ब्लॉकों से प्रभावित 52 ग्राम पंचायतों के ग्रामीण एकजुट होकर जनसुनवाई स्थल पर डटे रहने की तैयारी कर चुके हैं।
धरमजयगढ़ क्षेत्रीय विधायक लालजीत सिंह राठिया ने आंदोलनरत ग्रामीणों के बीच पहुंचकर प्रशासन और कंपनी दोनों को कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने कहा —
हम तीन प्रभावित ग्राम पंचायत — सामरसिंघा, तेंदुमुरी और पुरुंगा के ग्रामीणों के साथ लगभग 25 घंटे दिन-रात बैठे रहे, लेकिन जिला कलेक्टर 100 कदम चलकर भी मिलने नहीं आए। इससे हमें बहुत कुछ सीखने मिला है। अब यह लड़ाई हमारी अस्मिता की है — जनसुनवाई होने ही नहीं देंगे।”
विधायक राठिया ने आगे कहा कि 52 पंचायतों के लोग अब एकजुट हैं और यह एकता ही प्रशासन को झुकाने का काम करेगी।
इधर खरसिया विधायक भी किसानों के समर्थन में मौके पर पहुँचे और कहा —जब भी किसान मुझे याद करेंगे, मैं अपनी टीम के साथ तुरंत पहुंच जाऊँगा। यह लड़ाई सिर्फ तीन गाँवों की नहीं, बल्कि धरमजयगढ़ के हर ग्रामीण की है।
ग्रामीणों का कहना है कि वे पेसा कानून और पर्यावरण संरक्षण के तहत अपनी भूमि, जंगल और जलस्रोत की रक्षा के लिए डटे रहेंगे। जनसुनवाई निरस्त करने की माँग को लेकर हजारों ग्रामीण पुरुंगा स्थल पर जुटने की तैयारी में हैं।
धरमजयगढ़ में माहौल पूरी तरह गरम है और प्रशासन के लिए 11 नवंबर की प्रस्तावित जनसुनवाई अब चुनौती बनती जा रही है।



