धरमजयगढ़ में अडानी-अंबुजा कोल ब्लॉक के विरोध में ग्रामीणों का रुख सख्त, 6 नवंबर की रैली स्थगित — अब जिला कलेक्टर से करेंगे जनसुनवाई निरस्तीकरण की मांग

धरमजयगढ़, रायगढ़।
मेसर्स अंबुजा सीमेंट्स लिमिटेड (अडानी समूह) की प्रस्तावित पुरुंगा भूमिगत कोल ब्लॉक जनसुनवाई को लेकर ग्रामीणों का विरोध लगातार तेज हो रहा है। ग्राम पंचायत तेंदुमुड़ी, पुरुंगा और साम्हरसिंघा के ग्रामीणों ने प्रशासन को पत्र भेजकर 6 नवंबर 2025 को धरमजयगढ़ में विरोध रैली और धरना प्रदर्शन करने की सूचना दी थी, लेकिन अब उन्होंने रैली को स्थगित करते हुए 6 नवम्बर दिन गुरुवार को ही सीधे जिला कलेक्टर रायगढ़ से जनसुनवाई निरस्त करने की मांग करने का निर्णय लिया है।ग्रामीणों का कहना है कि प्रस्तावित कोल ब्लॉक से तीनों ग्राम पंचायतें प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित होंगी। यह पूरा क्षेत्र पांचवी अनुसूची के अंतर्गत आता है तथा यहां छत्तीसगढ़ पेसा कानून 2022 लागू है। पेसा कानून के प्रावधानों के तहत तीनों ग्राम पंचायतों में 18 और 19 अक्टूबर को विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन कर प्रशासन द्वारा तय की गई 11 नवंबर की जनसुनवाई को निरस्त करने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया था।ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने 22 अक्टूबर को पर्यावरण विभाग और कलेक्टर रायगढ़ को ज्ञापन सौंपकर जनसुनवाई निरस्त करने की मांग की थी। इसके बाद 29 अक्टूबर को मौन रैली निकालकर वनमंडलाधिकारी, जनपद पंचायत और अनुविभागीय अधिकारी को भी ज्ञापन सौंपा गया, लेकिन अब तक प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
ग्रामीणों ने कहा है कि प्रशासन यदि जनसुनवाई को निरस्त नहीं करता है, तो वे आगे चरणबद्ध आंदोलन की रणनीति अपनाएंगे। फिलहाल 6 नवंबर को निर्धारित विरोध रैली को स्थगित करते हुए ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से जिला कलेक्टर रायगढ़ से मिलने और अपनी मांगों को दोहराने का निर्णय लिया है।



