40 वर्षों की संघर्षगाथा को मिला सम्मान: प्रखरवक्ता शिक्षक बुधराम रात्रे सर की विदाई में छलके भावनाओं के आँसू

धरमजयगढ़/कापू
विकासखंड धरमजयगढ़ एवं कापू क्षेत्र के बुलंद आवाज, प्रखर वक्ता और वरिष्ठ शिक्षक श्री बुधराम रात्रे सर के सेवानिवृत्ति उपरांत विदाई सह सम्मान कार्यक्रम का आयोजन अत्यंत भावुक माहौल में किया गया। कार्यक्रम में संकुल एवं विकासखंड के शिक्षक-शिक्षिकाओं ने पुष्पगुच्छ भेंट कर एवं माल्यार्पण कर उनका आत्मीय सम्मान किया,कार्यक्रम की अध्यक्षता विकासखंड अध्यक्ष श्री राम चरण साहू जी की उपस्थिति में संपन्न हुई। इस अवसर पर वक्ताओं ने रात्रे सर के लंबे और संघर्षपूर्ण शिक्षकीय जीवन को याद करते हुए कहा कि उन्होंने शिक्षाकर्मी से लेकर प्रधानपाठक एल.बी. तक की यात्रा अपने परिश्रम, समर्पण और ईमानदारी से तय की,रात्रे सर न केवल एक कुशल शिक्षक रहे, बल्कि शिक्षा और सामाजिक मुद्दों पर अपनी प्रखर वाणी के लिए भी जाने जाते रहे हैं। विकासखंड धरमजयगढ़ एवं कापू क्षेत्र में शिक्षा के स्तर को ऊँचाई तक ले जाने में उनका उल्लेखनीय योगदान रहा है,विदाई समारोह के दौरान भावुक क्षण तब आया जब वक्ताओं ने इस पीड़ा को साझा किया कि प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा गणना का लाभ न मिलने, सेवानिवृत्ति उपरांत समुचित ग्रेच्युटी और सम्मानजनक पेंशन न मिलने का दुख आज भी उन्हें साल रहा है। इस विषय पर उपस्थित शिक्षकों ने भी चिंता व्यक्त की और शासन से न्यायपूर्ण निर्णय की अपेक्षा जताईअपने संबोधन में रात्रे सर ने कहा कि “शिक्षा सेवा मेरे लिए केवल नौकरी नहीं, बल्कि समाज निर्माण का माध्यम रही है।” उनके शब्दों ने उपस्थित जनों को भावविभोर कर दिया,कार्यक्रम के अंत में सभी ने उनके स्वस्थ, सुखद और सम्मानपूर्ण जीवन की कामना करते हुए भावभीनी विदाई दी। समारोह में उपस्थित जनसमूह की आंखें नम थीं लेकिन दिल गर्व और सम्मान से भरे हुए थे।



