शोसल मीडिया में वायरल न्याय दो या इच्छा मृत्यु सेवा समाप्ति से आहत डॉक्टर का प्रशासन पर गंभीर आरोप, मेंटल हॉस्पिटल भेजने की साजिश का दावा

धरमजयगढ़/रायगढ़।
धरमजयगढ़ क्षेत्र में लंबे समय तक स्वास्थ्य सेवाएं देने वाले लोकप्रिय डॉक्टर खुर्शीद खान ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए न्याय की गुहार लगाई है। उन्होंने कहा है कि विभाग जान बुझ कर विद्वेष पूर्ण मानसिकता के साथ वास्तविकता को छुपाते हुए सच्चाई से परे उच्च अधिकारी(जिला मजिस्ट्रेट कलेक्टर और उच्च विभागीय अधिकारी) को गलत जानकारी देते हुए गलत नॉट शीट प्रस्तुत कर झूठे और निराधार आरोपों के आधार पर उनकी सेवा समाप्त कर दी गई, जबकि विभागीय जांच और न्यायिक प्रक्रिया में उन्हें निर्दोष पाया गया है।डॉ. खान के अनुसार वे वर्ष 2003 से 2021 तक प्रभारी एम.ओ.पीएचसी बायासी के रूप में कार्यरत रहे।

उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों की जांच कलेक्टर द्वारा गठित तीन डॉक्टरों की टीम ने की, जिसमें सभी आरोप निराधार पाए गए। इसके बाद न्यायालय में भी मामला गया, जहां न्यायिक प्रक्रिया के दौरान आरोपों को झूठा और फर्जी करार देते हुए उन्हें निर्दोष माना गया।इसके बावजूद सेवा में पुनः बहाली नहीं किए जाने पर उन्होंने गंभीर आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि “जब उच्च अधिकारी भी मानते हैं कि मेरे साथ गलत हुआ है, तब मुझे सेवा से वंचित क्यों रखा गया है न्याय आखिर कहां है।डॉ. खान ने यह भी आरोप लगाया कि उन्होंने राष्ट्रपति, राज्यपाल एवं प्रधानमंत्री तक न्याय की गुहार लगाई, यहां तक कि इच्छा मृत्यु की मांग भी की। उनका कहना है कि अब प्रशासनिक अधिकारों का दुरुपयोग कर उन्हें मानसिक रूप से अस्वस्थ घोषित कर मेंटल हॉस्पिटल भेजने की तैयारी की जा रही है।
उन्होंने कहा, मैंने गलत के खिलाफ आवाज उठाई है। यदि कोई चिकित्सक मुझे मानसिक रूप से विक्षिप्त साबित करता है तो मैं उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करूंगा। मेरी न्याय की लड़ाई जारी है और तब तक जारी रहेगी जब तक झूठी शिकायत करने वालों पर कार्रवाई नहीं होती।कोर्ट द्वारा मोशन सुनवाई में नियमों के अनुसार कार्रवाई करने का आदेश दिए जाने के बावजूद, डॉ. खान का आरोप है कि बिना सुनवाई और बिना सूचना उनकी सेवा समाप्त कर दी गई। सेवा में पुनः नियुक्ति का प्रावधान नहीं होने का हवाला देकर उनकी एक्सटेंशन फाइल को बंद कर दिया गया।फिलहाल इस मामले में प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यदि प्रशासन की ओर से कोई पक्ष रखा जाता है तो उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
डॉ. खान ने स्पष्ट किया है कि वे न्याय मिलने तक सिस्टम के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखेंगे।



