Latest News

धरती बचाने की हुंकार: धरमजयगढ़ में कोयला खदान के खिलाफ विधायक लालजीत सिंह राठिया का भावुक आह्वान, आदिवासी अस्तित्व की लड़ाई हुई तेज#देखे वीडियो#

लालजीत सिंह राठिया क्या कोई अपनी माँ को बेच सकता है

धरमजयगढ़।
धरमजयगढ़ क्षेत्र में प्रस्तावित कोयला खदान के विरोध में आदिवासी समाज की आवाज अब आंदोलन का रूप लेती नजर आ रही है। इसी कड़ी में धरमजयगढ़ विधायक लालजीत सिंह राठिया का एक भावुक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने पूरे क्षेत्र में हलचल मचा दी है।मंच से जनता को संबोधित करते हुए विधायक राठिया ने बेहद मार्मिक शब्दों में सवाल किया—क्या कोई अपनी मां को बेच सकता है? क्या कोई अपने पिता को गिरवी रख सकता है।

उन्होंने धरती को मां और पिता की संज्ञा देते हुए कहा कि जल, जंगल और जमीन ही आदिवासी समाज की पहचान और जीवन का आधार हैं, और इन्हें किसी भी कीमत पर नष्ट नहीं होने दिया जाएगा,विधायक के इस भावुक संबोधन पर मंच के सामने बैठे किसानों, ग्रामीणों और आदिवासी समाज के लोगों ने एकजुट स्वर में ऐलान किया कि वे किसी भी हालत में अपने जल, जंगल और जमीन को कोयला खदान के लिए नहीं देंगे। इस दौरान पूरा माहौल जनआंदोलन जैसा नजर आया,सभा में मौजूद लोगों की आंखों में अपने अस्तित्व को बचाने की चिंता और संकल्प साफ झलक रहा था। विधायक राठिया का यह बयान न सिर्फ एक राजनीतिक विरोध, बल्कि आदिवासी समाज के अस्तित्व, संस्कृति और भविष्य की रक्षा की पुकार बन गया है।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो ने धरमजयगढ़ क्षेत्र में कोयला खदान को लेकर बहस को और तेज कर दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह लड़ाई सिर्फ जमीन की नहीं, बल्कि आदिवासी जीवन, पर्यावरण और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य की लड़ाई है।

Sajal Kumar Madhu

नेटवर्क कवरेज के साथ Navratna Bharat लेकर आता है आपकी लोकल और राष्ट्रीय खबरें—वास्तविक रिपोर्ट, फील्ड रिपोर्टिंग और विशेषज्ञ विश्लेषण।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button