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जल,जंगल और जमीन की लड़ाई में बीजेपी क्यों नहीं दे रही साथ?ऋतुराज सिंह ठाकुर का भाजपा पर तीखा प्रहार।

धरमजयगढ़ में अंबुजा–अडानी की कोयला खदान जनसुनवाई को लेकर संघर्ष तेज, कांग्रेस बोली – यह अस्तित्व की लड़ाई है

धरमजयगढ़ (हेड)।
धरमजयगढ़ विकासखंड का ग्राम पुरुँगा इन दिनों आदिवासी संघर्ष का केंद्र बन गया है। आगामी 11 नवंबर को प्रस्तावित मेसर्स अंबुजा सीमेंट लिमिटेड (अडानी समूह) की पर्यावरणीय जनसुनवाई को लेकर क्षेत्र में व्यापक विरोध जारी है। प्रभावित ग्राम पुरुँगा, सामरसिंघा, तेन्दुमुड़ी और कोकदार के हजारों ग्रामीण पिछले एक महीने से लगातार जनसुनवाई निरस्त करने की मांग कर रहे हैं।ग्रामीणों का आरोप है कि यह जनसुनवाई ग्रामसभा की अनुमति के बिना आयोजित की जा रही है, जो पेसा कानून, 1996 और संविधान के अनुच्छेद 243 के तहत प्रदत्त स्वशासन के अधिकारों का स्पष्ट उल्लंघन है।

इस जनविरोधी प्रक्रिया के खिलाफ अब स्थानीय राजनीति भी गर्मा गई है।
धरमजयगढ़ ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष रितुराज सिंह ठाकुर ने आंदोलनरत ग्रामीणों को समर्थन देते हुए कहा कि—यह केवल किसी उद्योग का विरोध नहीं, बल्कि जल, जंगल और जमीन बचाने की लड़ाई है, जो इस क्षेत्र के आदिवासी और ग्रामीण समुदाय के अस्तित्व से सीधा जुड़ा है।”
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने जनसुनवाई निरस्त नहीं की, तो कांग्रेस कार्यकर्ता सड़क पर उतरकर उग्र आंदोलन करेंगे।

पर्यावरणीय खतरे की चेतावनी

रितुराज ठाकुर ने कहा कि पुरुँगा क्षेत्र का भूगोल और पर्यावरणीय तंत्र अत्यंत संवेदनशील है। यहाँ के सघन साल-सागौन के जंगल, झरने, जलस्रोत और खेती ग्रामीणों की जीवनरेखा हैं।
उन्होंने कहा कि खदान की स्थापना से वनों की कटाई, जल स्रोतों का प्रदूषण, खेतों की उपज में कमी और स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याएँ बढ़ेंगी।
कोयला खदान शुरू होते ही हवा में उड़ने वाली धूल से फेफड़ों, सांस और त्वचा संबंधी रोग बढ़ेंगे और यह पूरा इलाका प्रदूषण की गिरफ्त में आ जाएगा।” — रितुराज सिंह ठाकुर

बीजेपी की चुप्पी पर सवाल

रितुराज सिंह ठाकुर ने भाजपा नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा—
प्रदेश और केंद्र दोनों जगह सत्ता में रहने के बावजूद बीजेपी नेताओं की चुप्पी बेहद दुखद है। जब सांसद ‘सांसद खेल उत्सव’ में भाग लेने हाटी तक आ सकते हैं, तो कुछ किलोमीटर दूर पुरुँगा जाकर आंदोलनरत ग्रामीणों की बात सुनना क्यों जरूरी नहीं समझते?”

उन्होंने कहा कि जनता ने उन्हें इसी समय के लिए चुना था, लेकिन वे जनता के बजाय उद्योगपतियों के साथ खड़े हैं।
ठाकुर ने यह भी कहा कि जो लोग कंपनी के समर्थन में कागज़ी बयानबाज़ी कर रहे हैं, उन्हें अखबारों में बयान देने के बजाय ग्रामीणों की आँखों में देखकर अपनी बात कहनी चाहिए।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय पर सीधा हमला

ठाकुर ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय पर तीखा प्रहार करते हुए कहा—
स्वयं आदिवासी होने के बावजूद वे अपने समाज के दर्द को नहीं समझ पा रहे हैं। बीस वर्षों तक क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने के बाद आज वे अपने ही लोगों की पीड़ा से आँखें मूँदे बैठे हैं।”

विधायक लालजीत सिंह राठिया का समर्थन

धरमजयगढ़ विधायक लालजीत सिंह राठिया ने भी आंदोलन को खुला समर्थन देते हुए कहा—
बिना ग्रामसभा की सहमति के किसी भी औद्योगिक परियोजना को लागू करना लोकतंत्र की आत्मा के विरुद्ध है। सरकार को जनभावनाओं का सम्मान करते हुए जनसुनवाई तत्काल स्थगित करनी चाहिए।”
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने जनता की आवाज़ अनसुनी की, तो कांग्रेस और ग्रामीण मिलकर ऐसा जनआंदोलन खड़ा करेंगे, जिसकी गूंज पूरे प्रदेश में सुनाई देगी।

Sajal Kumar Madhu

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