असम में गजराज पर कहर! राजधानी एक्सप्रेस से टकराया हाथियों का झुंड 7 की मौत—देश हिल गया#देखे वीडियो

होजई जिले में तड़के भीषण हादसा, इंजन समेत 5 डिब्बे पटरी से उतरे, 600 यात्री बाल-बाल बचे
धरमजयगढ़ हेड/असम/होजई।
असम में एक बार फिर रेल पटरियों पर गजराज की दर्दनाक मौत ने पूरे देश को झकझोर दिया। शनिवार, 20 दिसंबर 2025 की तड़के करीब 02:17 बजे, सैरांग से नई दिल्ली जा रही राजधानी एक्सप्रेस (20507 DN) असम के होजई जिले में हाथियों के एक विशाल झुंड से टकरा गई। इस भीषण टक्कर में 7 हाथियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक नन्हा हाथी (कैल्फ) गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसका उपचार जारी है,टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि राजधानी एक्सप्रेस का इंजन और 5 डिब्बे पटरी से उतर गए। गनीमत यह रही कि ट्रेन में सवार करीब 600 यात्रियों में से किसी को गंभीर चोट नहीं आई। लोको पायलट ने हाथियों को देखते ही इमरजेंसी ब्रेक लगाए, जिससे एक बड़ी मानवीय त्रासदी टल गई,
घना कोहरा बना हादसे की वजह
प्रत्यक्षदर्शियों और प्रारंभिक जांच के अनुसार, हादसे के समय इलाके में घना कोहरा छाया हुआ था, जिससे दृश्यता बेहद कम हो गई थी। इसी कारण हाथियों का झुंड समय पर नजर नहीं आ सका और ट्रेन उनसे टकरा गई,रेल यातायात ठप, 9 ट्रेनें रद्द
हादसे के बाद गुवाहाटी–लुमडिंग रेल खंड पर परिचालन पूरी तरह प्रभावित हो गया। रेलवे ने 9 ट्रेनों को रद्द कर दिया है, जबकि कई अन्य ट्रेनों के मार्ग परिवर्तित किए गए हैं। रेलवे की राहत एवं बचाव टीमें और वन विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचकर युद्धस्तर पर कार्य कर रहे हैं।
🐘 सवाल सुरक्षा का
असम में रेलवे ट्रैक पर हाथियों की मौत कोई नई बात नहीं है, लेकिन यह हादसा एक बार फिर वन्यजीव सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करता है। रेलवे ने कई संवेदनशील इलाकों में AI आधारित ‘घुसपैठ पहचान प्रणाली’ (IDS) जैसी तकनीकें लगाई हैं, बावजूद इसके यह हादसा उस क्षेत्र में हुआ जिसे आधिकारिक ‘हाथी कॉरिडोर’ घोषित नहीं किया गया था।
अब इतने बड़े हादसे के बाद निगाहें पर्यावरण एवं वन मंत्री पर टिकी हैं कि वे जंगली हाथियों की सुरक्षा के लिए कौन-से ठोस और प्रभावी कदम उठाते हैं। क्या रेलवे ट्रैक के आसपास हाथी गलियारों की नई पहचान होगी? क्या तकनीक और मानवीय निगरानी को और मजबूत किया जाएगा?
आज का यह हादसा सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन की एक कड़वी चेतावनी है।



